बीकानेर। इस वक्त की एक बेहद शर्मनाक और बड़ी खबर राजस्थान के बीकानेर से आ रही है! बीकानेर के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में संवेदनशीलता पूरी तरह मर चुकी है! सरकार योजनाएं चला रही है, लेकिन अस्पताल के कर्मचारी जनता को कीड़े-मकौड़े समझ रहे हैं!मामला मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना विंडो का है! जहां इलाज की उम्मीद लेकर आए एक लाचार मरीज के साथ कर्मचारियों ने न सिर्फ बदतमीजी की, बल्कि सरेआम गाली-गलौच भी की! पीड़ित मरीज का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने दस्तावेज (Documents) लिंक करवाने के लिए तपती गर्मी में घंटों तक लाइन में खड़ा रहा!जब घंटों बाद मरीज का नंबर आया, तो काउंटर पर बैठे कर्मचारियों के तेवर सातवें आसमान पर थे! मदद करने के बजाय कर्मचारियों ने मरीज को गाली दी और खुलेआम धमकी देते हुए कहा— "जा, हम तुम्हारे डॉक्यूमेंट नहीं जोड़ेंगे! जो करना है कर ले!" सोचिए, जो अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए है, वहां का स्टाफ गुंडागर्दी पर उतारू है! 'जो करना है कर ले'— कर्मचारियों की यह भाषा बताती है कि इन्हें प्रशासन और सरकार का कोई डर नहीं है! क्या ऐसे बदलेगा राजस्थान का हेल्थ सिस्टम? क्या ऐसे मिलेगा गरीबों को मुफ्त इलाज?
इस बदतमीजी के बाद पीड़ित मरीज न्याय के लिए भटक रहा है। अब देखना यह है कि पीबीएम अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा विभाग इन बदतमीज कर्मचारियों पर क्या सख्त एक्शन लेता है!
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